खेती का ज्ञान, खेत तक।
किसान कार्यशाला एक ऐसा मंच है जहाँ खेत में परखा गया practical अनुभव, फसल के हिसाब से जानकारी और रसायन मुक्त खेती के तरीके सीधे किसानों तक पहुँचते हैं।

एक सवाल से शुरू हुआ सफर
क्यों शुरू हुई किसान कार्यशाला?
खेत में लागत बढ़ रही थी और मिट्टी की ताकत घट रही थी। किसान मेहनत पूरी करते, फिर भी कर्ज़ में डूबते जाते। राहुल जवान ने सोचा — अगर सही जानकारी सही समय पर किसान तक पहुँचे, तो तस्वीर बदल सकती है।
किसान कार्यशाला की शुरुआत [वर्ष] में [जगह] से हुई। [शुरुआत की कहानी यहाँ जोड़ें]
खेत में काम आने वाली बात
यहाँ किताबी बातें नहीं होतीं — वही बताया जाता है जो खेत में परखा गया हो।
Practical ज्ञान
खेत में आज़माए गए तरीके, सरल भाषा में।
फसल के हिसाब से
हर फसल की अलग ज़रूरत, अलग सलाह।
रसायन मुक्त खेती
कम लागत, सेहतमंद मिट्टी, सुरक्षित फसल।
चौपाल और संवाद
किसानों के बीच बैठकर, उनके सवालों पर बात।
हर फसल की अपनी बात
किसान कार्यशाला पर इन फसलों से जुड़ी जानकारी और अनुभव साझा किए जाते हैं।
जहाँ किसान मिलकर सीखते हैं
हॉल हो या टेंट, खेत हो या चौपाल — जहाँ भी किसान जुटे, वहीं कार्यशाला लगी।

मंच से सीधी बात

खेती पर खुली चर्चा

कार्यशाला के बाद

ध्यान से सुनते किसान

सवाल और जवाब

Sugarcane
Wheat
Residue-Free Fertiliser