देश की सेवा से किसान की सेवा तक
एक सैनिक से किसान बनने तक का सफर, और फिर किसानों को बेहतर खेती की राह दिखाने का संकल्प।




गाँव-गाँव, किसानों के बीचखेत पर सीधी बात, किसान की भाषा में


खेती सिर्फ फसल नहीं, परिवार का भविष्य है।
सेना से लौटने के बाद राहुल जवान ने खेत को अपना नया मोर्चा बनाया। महँगी खाद, बढ़ती लागत और थकती मिट्टी — इन सवालों के जवाब उन्होंने खेत में ही ढूँढे।
आज वही अनुभव किसान कार्यशाला के ज़रिए गाँव-गाँव तक पहुँच रहा है, ताकि खेती कम खर्च में हो और किसान कर्ज़ के बोझ से बाहर निकले।
रसायन मुक्त कृषि से कर्ज मुक्त किसान की ओर

वर्दी से खेत तक का सफर

अनुशासन और देश सेवा
पहाड़, बर्फ और मुश्किल हालात — वर्दी ने हर हाल में डटे रहना सिखाया।
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मिट्टी से नया रिश्ता
खेत में उतरकर प्रयोग किए, गलतियों से सीखा और खेती को करीब से समझा।
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किसानों के बीच
जो खेत में सीखा, उसे गाँव-गाँव जाकर किसानों की भाषा में बाँटा।
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खेत पर किसानों के साथ सीधी बात
खेती का ज्ञान, खेत तक।
राहुल जवान ने किसान कार्यशाला की नींव रखी — जहाँ खेत में परखा गया practical ज्ञान, फसल के हिसाब से सलाह और रसायन मुक्त खेती के तरीके सीधे किसानों तक पहुँचते हैं।
किसान कार्यशाला के बारे मेंइन फसलों पर जानकारी
मेहनत की अपनी पहचान होती है।

दूरदर्शन किसान सम्मान

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मान
सम्मान पत्र

सम्मान समारोह
सभागार में स्मृति चिह्न

DD Kisan के मंच पर
नई दिल्ली
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एक सोच, जो खेतों तक पहुँची।
खेत पर शुरू हुई बात आज एक लाख से ज़्यादा लोगों के डिजिटल समुदाय तक पहुँचती है — जहाँ किसान हर दिन खेती की नई जानकारी सीखते और साझा करते हैं।

खेतों के बीच
किताबों से ज्यादा, खेत सिखाते हैं।








